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| EYE CARE | आँखो की करे देखभाल क्योंकि ये है अनमोल |
मानव शरीर का महत्वपूर्ण अंग है ,यह मानव शरीर का एक ऐसा अंग है जो न कि प्रकाश का पता लगता है अपितु जीवन के सभी दिनचर्या के लिए आवश्यक ही नहीं बल्कि अनिवार्य है। हम प्रकृति के सुंदर और मनमोहक दृश्य का आनंद बिना आँखो के ले सकते है क्या ? नही न ,पांच ज्ञानेद्रियों में आँख हमारा सर्वश्रेष्ठ अंग है। यदि आँखे न होती तो क्या होता ।
* मानव शरीर मे यदि आँखे न होती तो हमारे जीवन मे अंधेरा ही अंधेरा रहता आप जरा अपनी पलको को झपकाकर देखिये आपको कैसा महसूस होता है । अंधेरा लग रहा है न ?
* यदि आँखे न होती तो हम रंगों का पता नही लगा पाते फिर हमारे लिए हर वस्तु काली (black) ही होती।
* यदि आँखे न होती तो जीवन बोझ लगने लगता हम अपने कार्यो में असहाय हो जाते है जिससे हमें दुसरो से मदद लेनी पड़ती है।
* यही आँखे न हो तो हमे पढ़ाई-लिखाई में भी परेशानी होगी, और आज जो दुनिया मे ज्ञान का प्रकाश फैला हुआ है वो शायद कभी फैल ही नही पाता।
* अब बात आती है हमारी फिल्मो की अगर आँखे न होती तो क्या हम फिल्मे देख पाते डांस की विडियो देख कर डांस सीख पाते क्या ? मजे की बात तो ये है आँखो के ऊपर जितने भी गाने बनते है वो शायद बन ही नही पाते जैसे- लडक़ी कमाल अँखियों से गोली मारे , नैनो की बात नैना जाने है, तेरे नैना बड़े दगाबाज रे आदि।
आँखो की संरचना कैसे होती है-
आँखो के अंग- नेत्रशलश्म, अश्रुग्रंथी और अश्रुकोश, पलके, कार्निया, आँख का तारा (आईरिस), पुतली, लैंस, लैंस का चैंबर, वित्रीअस और दृष्टिपटल, ऑप्टिक तंत्रिक (नर्व), नेत्रगोल का संचालन (हिलना डुलना) चलिए आँखो के कुछ मुख्य अंगो की बात कर लेते है।
* पलके- पलके आँखो की रक्षा करती है। जैसे- आँखो की तरफ कोई चीज आती है तो पलके एक दम झपक जाती है।
* कार्निया- नेत्रगोल का एक पारदर्शी काँच जैसा उत्तल हिस्सा होता है। द्रश्यमान चीज से अपवर्तित प्रकाश किरणे इसी कार्निया द्वारा नेत्रगोल में आती है। विटामिन ए की कमी से कार्निया में फोड़े हो जाते है जिसे केरेटोलेसिया कहते है। इससे अंधे होने का खतरा रहता है। आंसूओ के बहाव से ये साफ और सुरक्षित रहता है।
* पुतली- पुतली पर जैसे ही रोशनी पड़ती है यह तुरंत फैलने व सिकुड़ने की प्रतिक्रिया करती है। पुतली अधिक रोशनी पड़ने पर सिकुड़ जाती है तथा काम रोशनी पड़ने पर फैल जाती है।
* लैंस- यह उत्तल होता है यह दृष्टिपटल पर प्रकाश की किरणें फोकस करता है। आईरिस के सिकुड़ने से लैंस का आकार बदलता है।
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| EYE CARE | TIPS |
* आँखो की समान्य देखभाल कैसे करे -
EYE CARE | TIPS
1- रोजाना विटामिन ए से युक्त भरपूर भोजन करे। ताकि हमारे शरीर में विटामिन ए की कमी न हो जिससे हमारी आँखों को भी उचित मात्रा में विटामिन ए मिलता रहेगा।
2 -यदि आँखो से सम्बंधित जरा सी भी समस्या हो तो तुरंत से परामर्श ले और जो दवाएँ डॉक्टर सजेस्ट करे वही उपयोग करे।
3- छ: साल से छोटे बच्चो को विटामिन ए युक्त फ़ूड सप्लीमेंट की डोज हर छः माह में दे ताकि भविष्य में बच्चों को कभी आँखो से सम्बंधित समस्या न हो। देने से पहले चिकित्सक से परामर्श ज़रूर ले।
4-आँखों को रोजाना दिन में तीन से चार बार साफ पानी से धोए।
5- जब कभी भी घर से बाहर निकले सन ग्लासेस का उपयोग करना न भूले। आँखो पर पड़ने वाली सीधी धूप भी आँखो को नुकसान पहुंचा सकती है।
6 -ज़्यादा देर तक लॅपटॉप और फ़ोन न चलाये इसकी सीधी रौशनी आँखों को नुक़सान पहुँचती है जिससे आँखो में जलन ,खुजली होना , आँखों में दर्द आदि समस्याएं आ सकती है।
7 -अगर आपको लॅपटॉप पर घंटो बिताना ही है तो आप लॅपटॉप यूज़ करते समय ऑय प्रोटेक्ट वाला चश्मा ज़रूर पहने ये चश्मा खासतौर से इसलिए बनाया जाता है ताकि लॅपटॉप और मोबाइल से निकलने वाली हार्मफुल रेज़ आपके आँखों को को नुकसान न पहुँचा सके।
आँखों से जुड़े कुछ रोचक तथ्य -
- क्या आपको पता है। आपकी आँखे 576 मेगापिक्सल्स की होती है। जो किसी भी चीज़ को बहुत दूर से भी बहुत साफ देख लेती है। और ये आँखे 2.7 और 7. 5 मिलयन रंगो के अंतर को पहचान सकती है।
- शोध की माने तो आपकी आँखों की पलकें एक मिनट में 15 से 20 बार झपकती है। एक घंटे में 1200 बार एक दिन में 29000 और साल में 10512, 000 बार झपकती है।
- नवजात शिशु अपने जन्म में बाद से ३ से ४ महीने तक इस रंगीन दुनिया को ब्लैक एंड वाइट देखता है। उसके बाद धीरे धीरे सामान्य तरीके से कलरफुल देखना शुरू कर पाता है।
नेत्रदान को लोकप्रिय बनाये कहावत है ,नेत्रदान महादान।
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ReplyDeleteVery NYC 👌
ReplyDeleteReally great knowledge
ReplyDeletevry grt information
ReplyDeleteGreat knowledge
ReplyDeleteAcchi jankari
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