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Sleeping Tips | आठ घंटे सोना है ज़रूरी , वरना हो सकते हैं, 5 नुकसान

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स्वस्थ रहने के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद आवश्यक होती है, यह तो आप जानते ही होंगे। लेकिन अगर आप कम से कम आठ घंटे की पूरी नींद नहीं लेते हैं तो आपको सेहत के कौन से नुकसान उठाने पड़ सकते हैं, यह आप नहीं जानते। जानिए 5 नुकसान, जो नींद की कमी से होते हैं - 1 जब हम सो रहे होते हैं, तो हमारे शरीर में कुछ सकारात्मक परिवर्तन होते हैं जिनमें हमारा विकास, सुधार, कोशिकाओं का रिलेक्स होना एवं मानसिक विकास आदि। परंतु पर्याप्त नींद नहीं लेने पर आपको यह लाभ नहीं मिल पाते।  2 अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो यह आपकी मानसिक क्षमता और स्मरण शक्ति के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है। आपकी याददाश्त कम होती जाती है, यहां तक कि आपको भूलने की बीमारी भी हो सकती है। 3 तनाव व मानसिक समस्याओं के शिकार अक्सर वे ही लोग होते हैं, जो पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते और मस्तिष्क को सही मात्रा में आराम नहीं मिल पाता। 4 नींद पूरी नहीं होने पर शरीर व दिमाग को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता, जिसके कारण शारीरिक दर्द, अकड़न जैसी समस्याएं होती है। इसके अलावा सिर का भारी होना, चिड़चिड़ापन भी आम बात है। 5 आपके पाचन...

Snoring | खर्राटे क्यों आते हैं , और खर्राटों को दूर करने के उपाय

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जब आप रात को सो रहे होते हैं तब कई बार आपने देखा होगा की आपके मां बाप या भाई बहन या फिर कोई दोस्त खराटे लेता होगा। सोते समय सांसो की तेज आवाज होना खर्राटा कहलाता है। खर्राटे की आवाज नाक या मुंह दोनों से आती है। खर्राटे सांस अंदर लेते समय आते हैं। जिन लोगों को खर्राटे आते हैं वे जब सोकर उठते हैं तब उनके गले में जलन होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार हर पांचवां व्यक्ति खर्राटे लेता है। यह एक आदत नहीं बल्कि बीमारी होती है। एक गंभीर समस्या मानी जाती है जिसका सही तरीके से आपको इलाज कराना चाहिए। खर्राटे लेने वाला व्यक्ति हमेशा दूसरों को परेशान करता है और कई बार तो दूसरों के नींद भी खराब कर देता है, ज्यादातर लोग यही समझते हैं कि  खर्राटे की   समस्या का कोई इलाज ही नहीं है लेकिन यह सोचना गलत है। आइए जानते हैं की खर्राटे आने की वजह क्या होती है। Snoring | खर्राटे क्यों आते हैं , और खर्राटों को दूर करने के उपाय खर्राटे आने के कारण निम्न प्रकार है:- 1. कई बार सोते हुए ऐसा भी होता है कि आपकी जीभ का पिछला हिस्सा नीचे की ओर झुक जाता है जोकि स्वास नली पर दबाव डालता है, जिस कारण श्वास नली पत...

ज़्यादा चिंता करने से शरीर में होते है , ये नुकसान

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आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादा चिंता करना बहुत ही हानिकारक है ज्यादातर लोग हर छोटी छोटी बात पर चिंता करने लगते हैं जैसे स्कूल में ज्यादा नंबर लाने हो या फिर ऑफिस का कोई वर्क हो या फिर घर का कोई काम इसीलिए ना चाहते हुए भी टेंशन हमारी जिंदगी का बहुत बड़ा हिस्सा बन चुकी है। एक ऐसी समस्या है जो हर व्यक्ति को जरूर ही होती है पर साथ ही यह समस्या बच्चों के साथ भी होने लगी है। हमारे आसपास ऐसी बहुत सारी बीमारियां है जो की ज्यादा चिंता करने के कारण होती हैं। जैसे थायराइड मोटापा और यहां तक कि हार्ट की समस्या होने लगती है। हम सभी लोग यही जानते हैं कि ज्यादा चिंता करने से हमारा स्वास्थ्य खराब हो जाता है और सर दर्द रहता है कोई काम ठीक से नहीं कर पाते। डॉक्टरों का कहना है कि तनाव की वजह से आप शारीरिक रूप से बीमार रहने लगते हैं। आइए इसके कुछ लक्षण जानते हैं। ज़्यादा चिंता करने से शरीर में होते है , ये नुकसान  चिंता के लक्षण निम्न प्रकार हैं। 1. घबराहट, डर और बेचैनी होती है। 2. नींद से सम्बंधित समस्या होने लगेगी। 3. बार बार चक्कर आने लगते हैं। 4. सांस लेने में दिक्कत होने लगती है जी मिचलाने ल...

नींद पूरी ना होने के नुकसान ज़रूर जानिए

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यदि आप 8 घंटे की पूरी नींद नहीं लेते हैं तो इससे बहुत नुकसान हो सकता है क्योंकि जब हम सो रहे होते हैं तो हमारे शरीर में कुछ सकारात्मक परिवर्तन होते रहते हैं इसीलिए हर व्यक्ति को कम से कम 8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। यदि आप सही से नहीं सोते या फिर नींद पूरी नहीं करते तो आपके हारमोंस असंतुलित हो जाएंगे। जिस कारण हाई कैलोरी वाला भोजन खाने का मन होता है और इससे आपका स्वास्थ्य खराब हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन पूरी नींद नहीं ले पाता या फिर किसी कारण कम सो पाता है तो ऐसा व्यक्ति बहुत जल्दी बीमारियों का शिकार हो जाता है। लोग ऐसे भी होते हैं जो सिर्फ 5 से 6 घंटे सोते हैं या फिर बहुत ही कम नींद लेते हैं। जिस कारण उन व्यक्तियों को तनाव की समस्या होने लगती है और सेहत भी खराब होने लगती है। आइए जानते हैं कि जब कोई व्यक्ति ठीक से नींद पूरी नहीं करता तब उसे कौन से नुकसान झेलने पड़ेंगे। 1. याददाश्त कमजोर हो जाती है :-  यदि आप ठीक से नहीं सोतेे हैं। या फिर किसी कारण  पूरी नींद नहीं ले पाते हैं। यदि आपकी नींद पूरी नहीं होती है और आप लगातार कम ही सोते हैं तो यह आपकी स्मरण शक्ति और मानसिक क...

Sleeping Tips | अगर सोना ही हैं तो सही तरीके से सोये। सोने के कुछ जरूरी टिप्स।

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Sleep। सोना  नींद एक ऐसा काम हैं जो हर जीव के लिए ज़रूरी हैं और इन जीवों में हम इंसान भी आते हैं। नींद की वजह से ही हम सभी जीवित रहते हैं। कई बार लोगो के दिमाग में आता होगा, जब हम सो रहे होते हैं तो हमारा शरीर कुछ नही कर रहा होता हैं लेकिन सच तो ये हैं जब हम सो रहे होते हैं तभी हमारा शरीर अपने आप को स्वस्थ रखने में, बढ़ने में, और सीखने में व्यस्त रखता हैं। जब हम नींद में होते हैं तब हमारी बॉडी रिलैक्स तो होती ही हैं, इसके अलावा यह ऐसा समय होता हैं जब पूरे दिन के काम काज के बाद आपकी बॉडी के अंदर से सारे जैविक रखरखाव के कार्य भी हो रहे होते हैं। यदि आप पर्याप्त नींद नही लेते हैं तो आपका पूरा दिन आलास से भरा हुआ गुजरेगा,  एनर्जी लेवल भी डाउन रहता हैं। यानी के हम कह सकते हैं नींद वह समय हैं जब शरीर खुद को दुबारा काम करने के लिए तैयार कर रहा होता हैं। Sleeping Tips | अगर सोना ही हैं तो सही तरीके से सोये। सोने के कुछ जरूरी टिप्स। Sleeping Tips रोजाना  एक ही समय पर सोये और एक ही समय पर जागे। ऐसा करने से आपकी नींद का डेली रूटीन बन जायेगा और आपको उसी समय नींद आयेगी जिस समय आप रोज सो...

सम्पूर्ण नींद लेना क्यों हैं ? जरूरी।

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सम्पूर्ण नींद लेना क्यों हैं ?  जरूरी Sleep। नींद नींद आना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है। हम किसी किताब को पढ़ रहे हो किसी मूवी को लगातार देख रहे है। तो जितना ज्यादा हम उस पर ध्यान केंद्रित करेगे उतनी ही ज्यादा हमे नींद आने लगती है। आपने देखा होगा हम देर रात तक अगर अपना मोबाईल फ़ोन भी इस्तेमाल कर रहे होते है तब भी हमारी आंखे थकने लगती है और हमे नींद आने लगती है।  अभी तक न्यूरोसाइंटिस्ट ये समझ नही पाए  कि हमारा  मस्तिष्क जागने की अवस्था से अचानक नींद की अवस्था मे कैसे चला जाता हैं। लेकिन शोध के जरिये पता चलता है यह कोई अचानक से होने वाली घटना नही है बल्कि यह बहुत धीरे धीरे आने वाली प्रक्रिया है। जब हम रात को अपने कमरे की लाइट बंद करके अपने बैड पर लेटने जाते है और आंखे बंद करते है तो धीरे धीरे हमारे मस्तिष्क से अल्फा वेब्स निकलनी शुरू हो जाती है। इस समय में हमारा मस्तिष्क बाहरी दुनिया से बिल्कुल अलग हो जाता है। फिर कुछ महत्वपूर्ण चरणों से गुजरने के बाद हम गहरी नींद मे आ जाते हैं। चरण-1            में  मस्तिष्क की तरंगें हल्की हो ज...