आज अगर आप किसी से भी पूछेगें अच्छी सेहत का सबसे बड़ा दुश्मन कौन हैं ? तो सबका जबाब एक ही आयेगा चीनी । फिर चाहे डॉक्टर हो डाइटीशियन हो या कोई बैध सभी चीनी से परहेज करने को बोलते हैं। अक्सर हमारे यार दोस्त या रिश्तेदार भी हमें चीनी से से दूर रहने की सलाह दे ही देते हैं। 80 हजार साल पहले हमारे शिकारी पूर्वजो को मीठे के नाम पर केवल फल ही खाने को मिलते थे। उनके लिए भी उनको जानवरों और परिंदों से मुकाबला करना पड़ता था। वही आज के समय में हमें मीठा हर रूप में मिल जाता हैं फिर चाहे वो तरह तरह की मिठाई हो, कोल्डड्रिंक, केक पेस्टी, दवाइयों के सिरप या किसी और न जाने क्या-क्या। इसलिए आज चीनी को स्वास्थ्य का सबसे बड़ा दुश्मन घोषित कर दिया गया है। चीनी में कैलोरी तो ज्यादा होती हैं। लेकिन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन, खनिज, मिनिरल, फाइबर जैसे जरूरी पोषक तत्व बिल्कुल भी नहीं होते हैं।
चलिए चीनी से जुड़े कुछ नुक्सानो के बारे में हम आपको बताते हैं।
चीनी से जुड़े नुकसान
■ ज्यादा चीनी के सेवन से हमारी बॉडी की पेनक्रियाज इंसुलिन कम बना पाती हैं। जबकि इंसुलिन हमारे शरीर के लिए अतिआवश्यक हार्मोन हैं। और इसका परिणाम ये होता हैं कि जब बॉडी में इन्सुलिन कम बनता हैं तो ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ जाती हैं। जो कि डायबिटीज़ बीमारी का प्रमुख कारण बनता हैं। विस्तार से पढ़े CLICK करे 👉 डायबिटीज
■ ब्लड में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने का सबसे बड़ा कारण होता हैं चीनी का ज्यादा इस्तेमाल करना। जिससे गाठिया, और जोड़ो में दर्द जैसी बीमारियां पैदा हो सकती हैं। गठिया को पूरी तरह से ठीक करने का इलाज डॉक्टर्स के पास भी नही हैं। ये परेशानी एक बार शुरू हो जाये फिर जिंदगी भर कर लिए हो जाती हैं। इसलिए चीनी के ज़्यादा सेवन से परहेज करें।
■ कई रिसर्च करने के बाद वैज्ञानिकों का कहना है अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करने से इंसुलिन के स्तर पर बुरा असर पड़ता हैं। जिस कारण शरीर में सूजन की परेशानी हो सकती हैं। रिसर्च के जरिए पता चला कि जो लोग अधिक मात्रा में चीनी का सेवन करते हैं। उन्हें कैंसर जैसी घातक बीमारी होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता हैं।
■ चीनी दो तरह की होती हैं। 1 ग्लोकोज़ 2 फ्रुक्टोज हम जो चीनी अपने रोजमर्रा के जीवन मे इस्तेमाल करते हैं उसे फ्रोक्टोज कहते हैं। फ्रोक्टोज, ग्लोकोज़ के मुकाबले ज्यादा नुकसानदायक होती हैं। ग्लोकोज़ शरीर की कोशिकाओं के लिये आवश्यक होता हैं जबकि फ्रोक्टोज की कोई जरूरत नहीं होती हैं।
■ मानव शरीर के मस्तिष्क में डोपामाइन नाम का एक हार्मोन होता हैं। जो कि मानव मस्तिष्क के लिए बहुत जरूरी होता है। जिसकी मदद से हम मानसिक रूप से खुश और सजग रहते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर के लिए ग्लोकोज़ तो अच्छा रहता हैं लेकिन लेकिन चीनी से फ्रोक्टोज बनता हैं। नशीली चीजो की तरह चीनी दिमाग मे डोपामाइन नामक हार्मोन का स्त्राव को बढ़ा देता हैं। जो मस्तिष्क के लिए हानिकारक साबित होता हैं।
चीनी का विकल्प
■ चीनी का सबसे अच्छा विकल्प STEVIA है। ये एक पौधा होता है जिसकी पत्तियों की मिठास चीनी से कई गुना ज़्यादा होती है लेकिन इसमें कैलोरी निल होती है। जो मघुमेह के रोगी की शुगर कन्ट्रोल करता हैं। स्टेविआ के बारे में अधिक जानने के लिए CLICK करे 👉 STEVIA | स्टीविया
■ हमेशा स्वस्थ रहने के लिए आपको प्राकृतिक रूप से मीठी चीजे जैसे फल आदि का सेवन करना चाहिए। चीनी की जगह आप गुड़, शहद, खजूर गन्ने का रस और फलो के जूस आदि का सेवन कर सकते हैं। शहद चीनी का एक बेहतरीन प्राकृतिक विकल्प हैं। इसमें ग्लोकोज़ और फ्रोक्टोज तो होता ही हैं साथ मे कई जरूरी विटामिन और मिनिरल्स भी पाए जाते हैं। इससे डायबिटीज होने का ख़तरा भी नही रहता। विस्तार से पढ़े CLICK करे
चेतावनी - चिकित्सक से परामर्श ज़रूर ले।
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