Liver Health | आज ही जानिए लीवर से जुड़े रोग और उनके उपाय

Liver Health 

हमारा शरीर छोटे छोटे सेल्स से मिलकर बना होता है ये सेल्स आपस मे जुड़कर टिसु बनाते हैं और कई सारे टिसु आपस मे जुड़कर हमारे शरीर मे विभिन्न प्रकार के अंगों का निर्माण करते हैं । 
लीवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो हमारे पेट के दाई ओर रिब के बीचों बीच स्थित होता है । लीवर हमारे शरीर में भोजन को पचाने ,शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने , रक्त को हमारे शरीर के सभी भागों में पहुचाने का काम करता है । आजकल का खानपान व भरपूर पोषक तत्व की कमी के कारण हमारा लीवर पूरी तरह से काम नही कर पाता है । जिससे लीवर से संबंधित विकार उत्पन्न होने लगते हैं जिसे लीवर रोग कहा जाता है । 

WHO ने लीवर रोग के संबंध में किया बढा खुलासा 

WHO ने अपने शोध व आंकड़ों के अनुसार बताया है कि देश भर में लीवर रोग काफी अधिक तेजी से फैल रहा है । प्रत्येक वर्ष लगभग 8 लाख से 10 लाख लोग लीवर रोग से प्रभावित हो रहे हैं । यहॉ तक कि भारत मे होने वाली मौतों में दस कारणों में से एक कारण लीवर रोग भी शामिल है । 
इन आंकड़ों से आप समझ सकते हैं कि हमे अपने लीवर का ख्याल रखना कितना जरूरी है । 

आइये जानते हैं लीवर रोग कितने प्रकार का होता है । 

(1) लीवर कैंसर 

हमारे लीवर में किन्हीं कारणवश जब टिसु का निर्माण हो जाता है तो इसे लीवर कैंसर कहा जाता है । लीवर कैंसर का मुख्य कारण हेपेटाइटिस व सिरोसिस हैं । लीवर कैंसर में हैपीटोसेकूलर कार्सिनोमा मुख्य लीवर कैंसर है जो आपके लीवर के सेल (हेप्टोकॉलेट) में होता है ।

(2) लीवर का खराब होना 

लीवर एक दम से खराब नही होता है ये लंबे समय  के गलत खान पान के कारण ही खराब होता है । जिसके चलते भोजन को हजम करने में दिक्कत आना , पेट मे दर्द आदि दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । 

(3) लीवर में सूजन 

लीवर में सूजन आना आजकल बहूत से लोगों की समस्या हो गयी है जिसका मुख्य कारण फ़ास्ट फ़ूड व अधिक तला हुआ खाना खाना है । 

(4) लीवर सिरोसिस 

यह बहुत गंभीर लीवर संबंधित विकार है जिसमे लीवर की कोशिकाएं खत्म हो जाती हैं व उनके स्थान पर फाइबर कोशिकाएं उत्पन्न हो जाती हैं । इस स्थिति को लीवर सिरोसिस कहा जाता है । इसके बचाव का एकमात्र उपाय लीवर का प्रत्यारोपण है । जिसे लीवर ट्रांसप्लांट भी कहते हैं । 

(5) फैटी लीवर 

यह समस्या भी अधिक वसा युक्त भोजन के कारण होती है । जिसमे लीवर पर वसा एकत्र होने लगता है । जिससे लीवर पूरी तरह से अपना काम नही कर पाता है तो इसे फैटी लीवर कहा जाता है । 

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आइये जानते हैं कि कैसे पहचानोगे लीवर रोग के लक्षणो को - 

हर एक बीमारी को पहचानने के कुछ न कुछ लक्षण अवश्य होते हैं जिसके कारण हम उस बीमारी को आसानी से पहचान सकते हैं व उसका इलाज करा सकते हैं । वैसे ही लीवर संबंधी रोगों के कुछ लक्षण ये होते हैं जैसे :  आंखों का पीला और त्वचा का सफेद होना , पेट मे दर्द और पेट पर सूजन , पैरों व टखनो में दर्द , उल्टी होना , कमजोरी महसूस होना । 

उपरोक्त मुख्य लक्षणों में से कोई भी लक्षण महसूस होने पर तुरंत चिकित्सक के पास जाएं ।

लीवर रोगों के होने के क्या कारण होते हैं ? 

लीवर रोग हमें विभिन्न कारणों से हो सकते हैं लेकिन इसके होने का मुख्य कारण हमारा खान पान होता है । इसके अलावा कुछ और कारण भी हैं जिनसे हमारा लीवर खराब हो सकता है । जैसे : शरीर मे वायरस के प्रवेश से , शराब का अधिक मात्रा में सेवन से , मधुमेह रोग से , कब्ज की लंबे समय से दिक्कत से, शरीर का अधिक वजन बढ़ने से व विभिन्न संक्रमणों से । 
अधिकतर लीवर संबंधी रोग हैपेटाइटिस बी व सी के कारण होते हैं । 

लीवर रोगों से कैसे बच सकते हैं ? 

आइये जानते हैं कुछ उपाय जिनको अपनाकर आप लीवर के रोगों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं । 

(1) लीवर रोग से बचने के लिए आपको हमेशा संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए । 
(2) हरी पत्तेदार सब्जियों का नियमित सेवन करना चाहिए । 
(3) भोजन में अदरक का उपयोग करना चाहिए । 
(4) हल्दी का उपयोग हमारे लीवर को दुरुस्त बनाता है व लीवर सेल्स का पुनर्निर्माण में लाभकारी होता है ।
(5) धूम्रपान जैसे : शराब , बीड़ी , सिगरेट , गुटखा , तम्बाकू , जर्दा इत्यादि चीजों से दूर रहना चाहिए । 
(6) इसके अलावा आप हमेशा योगा अभ्यास से भी अपने लीवर को स्वस्थ रख सकते हैं जिनमे भुजंगासन , नौकासन , कपालभाति , उष्ट्रासन आदि हैं । 


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