Golden rice || क्या गोल्डन राइस के बारे में जानते हो ? अगर नहीं ,अभी जानो इसके फ़ायदे
Golden rice || गोल्डन राइस कई देशों के वैज्ञानिक और शोधकर्ता कई सालों तक धान ( चावल ) की एक ऐसी किस्म की खोज करने में लगे रहे जिस धान के चावल में बीटा कैरोटिन भरपूर मात्रा ने पाया जाता हो,पर इसमें कोई सफलता नहीं मिली। अन्त में ब्रीडिंग के जरिए धान की वो किस्म तैयार नहीं हो सकती जिसमें बीटा कैरोटिन भरपूर हो। कई सालो की कड़ी मशक्कत के बाद 1990 में इंगो पोट्रराइकस ने एक अलग तकनीक से जिसे हम जैव-तकनीकी कहते है उसकी सहायता से बीटा कैरोटिन युक्त चावल का निर्माण किया गया। मई 2018 में अमेरिका की एक एजेंसी फूड एण्ड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ( F.D.A ) ने गोल्डन राइस को अंतर्राष्ट्रीय धान अनुसंधान केंद्र फिलीपींस की जांच करने के वाद गोल्डन राइस को मान्यता दी और गोल्डन राइस की GR2E वैरायटी को मंज़ूरी दे दी। कई देश जैसे एशिया, लातिन और अफ्रीका अमेरिका में रहने वाले कुछ बहुत गरीब लोग अपना पेट भरने के लिए अधिकतर चावल खाते हैं। उनके शरीर में पर्याप्त मात्रा में कुछ बहुत ज़रूरी विटामिन की कमी हो जाती है। क्योंकि साधारण चावल में भरपूर मात्रा में विटामिन नहीं पाए जाते इसलिये उ...