हम सभी लोग अदरक का लंबे समय से इस्तेमाल करते आ रहे हैं । अदरक का इस्तेमाल सिर्फ चाय में ही नही किया जाता बल्कि इसका उपयोग सब्जियों में व आयुर्वेदिक दवाओं में भी किया जाता है । अदरक के बारे में आज हर कोई जानता है बहुत से लोग इसको चाय बनाने में उपयोग करते हैं बल्कि यह चाय के साथ साथ आयुर्वेदिक औषधियों में भी प्रयोग की जाती है ।
अदरक में एन्टी इन्फ्लेमेट्री , एन्टी बैक्टेरियल व एन्टी ओक्सिडेंट के गुण पाए जाते हैं जो हमारे लिए बहुत लाभदायक होते हैं । सर्दियों के मौसम में अदरक युक्त चाय के सेवन से हमारे शरीर को बहुत अधिक लाभ मिलता है ।
अदरक हमारी धरती पर उपस्थित मसालों में से सबसे उपयोगी व महत्वपूर्ण होती है । अदरक को हम फ्रेश , सुखाकर व पाउडर या जूस के रूप में उपयोग कर सकते हैं । अदरक हल्दी की भांति कई औषिधीय गुण रखती है । यह कई वर्षों से आयुर्वेदिक औषधि में उपयोग की होती आ रही है । अदरक के औषिधीय गुण उल्टी , गैस , पेट से सम्बंधित समस्याओं में राहत दिलाने का काम करती है ।
अदरक को संस्कृत भाषा मे सिंगबेर के नाम से भी जाना जाता है । यह एशिया के उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में मुख्य रूप से उगाई जाती है । हमारे भारत देश मे अदरक युक्त चाय को बड़ी लोकप्रियता के साथ पीया जाता है ।
अदरक के फायदे -
अदरक हमें जड़ के रूप में प्राप्त होती है । यह जिंजिबरेसी कुल से सम्बंधित है व इसका वानस्पतिक नाम जिंजिबर ओफ्सिनेल है । अदरक के अंदर कई औषिधीय गुण पाए जाते हैं । जिससे यह हमें विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाती है ।
● कैंसर में - विभिन्न शोध व अध्ययन से यह पता चला है कि अदरक को यदि पाउडर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है । तो यह कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने में अहम भूमिका निभाता है साथ ही इसके सेवन से कोलोरेक्टस कैंसर , बृहदान्त्र कैंसर , फेफड़ों का कैंसर , प्रोस्टेट कैंसर आदि को काफी हद तक रोका जा सकता है ।
● मासिक धर्म में - अदरक में पाए जाने वाले औषधीय गुण स्त्रियों में होने वाले भिन्न भिन्न रोगों से भी बचाता है । इसमें एन्टी इन्फ्लेमेट्री के गुण पाए जाते हैं । जिसके चलते अदरक का चूर्ण या अदरक की चाय का सेवन करने से मासिक धर्म के असहनीय दर्द में आराम मिलता है ।
● ह्रदय रोगों में - अदरक में मौजूद एन्टी बैक्टीरियल व एन्टी इन्फ्लेमेट्री गुण हमारे शरीर के बड़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम , रक्तचाप को नियंत्रित व रक्त के थक्के जमने आदि से बचाव का काम करता है । जिसके चलते ह्रदय से संबंधित होने वाले रोगों का खतरा कम रहता है ।
● गठिया में - अदरक के इन्फ्लेमेट्री गुण इतने असरदारक होते हैं कि यह गठिया के साथ साथ वात रोग व औस्टियो अर्थराइटिस के दर्द को कम करने में मदद करते हैं । इसमें अदरक का जूस या अर्क बहुत प्रभावी होता है।
● कब्ज में - कब्ज आज की पेट से सम्बंधित आम समस्या हो गई है । इससे आज हर घर मे कोई न कोई पीड़ित है । अदरक का सेवन हमें पेट से सम्बंधित सभी विकारों में राहत दिलाने का काम करता है । यह हमारे जठरान्त्र को स्वस्थ रखती है । जिसके चलते पेट से सम्बंधित समस्यायें नहीं होती हैं ।
अदरक से होने वाले नुकसान
अदरक जहां लाभ पहुँचती है वहीं इसका अत्यधिक सेवन आपको हानि भी पहुंचा सकता है । पूरे दिन में यदि अदरक की पांच कप से ज्यादा चाय पीने से सिरदर्द , उल्टी , अनियमित रूप से ह्रदय गति का बढ़ना व अनिद्रा दिक्कत हो सकती है । यदि आप हृदय से संबंधित समस्याओं की दवा ले रहे हैं , मधुमेह ( शुगर ) से जूझ रहे हैं या कोई सर्जरी कराए हुए हैं तो इसको उपयोग करने से पहले चिकित्सक से सलाह अवश्य ले लेनी चाहिये ।
अदरक में 108 सब्जियों के बराबर मात्रा में गुण पाए जाते हैं । जिसके कारण इसे व्यंजनों व विशेष प्रकार के पकवानों में उपयोग किया जाता है ।
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