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Bone Health | क्या आपमे है, कैल्शियम की कमी ? जानिए कैल्शियम की कमी के लक्षण व कारण।

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कैल्शियम की कमी क्यों होती हैं? यदि समय रहते किसी भी बीमारी के बारे में पता चल जाये तो उसका इलाज़ आसानी से किया जा सकता हैं। औऱ यह बात कैल्शियम की कमी नाम की बीमारी पर भी लागू होती हैं। कैल्शियम की कमी के बारे में अगर समय रहते पता न चले तो यह किसी भी व्यक्ति के लिए हानिकारक साबित हो सकती हैं। कैल्शियम की कमी की वज़ह से कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। कैल्शियम की कमी की शुरुआत एक सामान्य समस्या की तरह ही होती हैं। कैल्शियम की कमी को ह्यपोकॉसेमिया (Hypocalcemia) नाम से जाना जाता हैं मतलब खून में जब कैल्शियम का स्तर कम हो जाता हैं तो ऐसी स्थिति को ह्यपोकॉसेमिया  (Hypocalcemia) कहा जाता हैं। कैल्शियम की कमी का ईलाज़ आसानी से संभव हैं लेकिन यदि इसको ज़्यादा समय तक नज़रंदाज़ किया जाए तो ये व्यक्ति के शरीर के अन्य अंगों पर जैसे दाँत, आँख, मस्तिष्क आदि पर असर पड़ सकता हैं।  कैल्शियम की कमी के लक्षण 1 भूख कम लगना- यदि आपको अपनी भूख में कमी नज़र आ रही हो तो आप समझ जाईए की आपकी बॉडी में कैल्शियम की कमी होने लगी हैं। अक्सर लोग भूक कम लगने की समस्या को गंभीरता से नही लेते हैं औऱ उन्हें कैल्शि...

Curd Benefits | दही के इतने सारे फ़ायदे

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Curd | दही दही दूध में बैक्टीरिया मिलाने से  बनता है।  दही एक डेयरी उत्पादो में से एक है।  दही जमने की  प्रक्रिया  फर्मेंटेशन  कहलाती है। दही को थोड़ी देर गर्म जगह पर रखते हैं, जिससे ये गाड़ा हो जाता है। बैक्टीरिया दूध को गाड़ा करता है और स्वाद को खट्टा बनाता है। जिसको हम दही कहते हैं। दही पाचन क्रिया के साथ साथ दांतों को भी मजबूत बनाता है। दही का प्रयोग लगभग सभी घरों में किया जाता है। दही भारतीय थाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा भी माना जाता है।दही स्वाद में खट्टा होता है। यदि दही का नियमित रूप से सेवन किया जाए तो पाचन शक्ति मजबूत होगी और वज़न भी कंट्रोल होता है। यह बालों को भी मुलायम बनाता है। दही में बहुत सारे पौष्टिक तत्व पाए जाते हैं,  दही में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन पाए जाते हैं। दूध के मुकाबले दही हमारे शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। दही में कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसीलिए दही हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है। दही आंतों में अच्छे बैक्टीरिया बनाकर उन्हें चिकना बनाता है। दही का प्रयोग विभिन्न प्रकार के व्यंजन...

Uric Acid | यूरिक एसिड को कम करने के असरदारक उपाय

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यूरिक एसिड एक ऐसी समस्या जिससे बहुत लोग पीड़ित है।  अगर गौर किया जाए तो वक़्त पर लोगो को इसका पता ही नही चलता । जब ये समस्या ज़रूरत से ज़्यादा बढ़ जाती है ,जिसे हाथ पैरो में असहनीय दर्द होता है क्योकि रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा अधिक हो जाती है जिसे हाइपरयूरिसेमिआ ( hyperuricemia ) कहते है।  आज आपको कुछ ऐसा उपाय बताएंगे अगर खानपान कुछ बदलाव किये जाए तो यूरिक एसिड को कम किया जा सकता है।  Uric Acid | यूरिक एसिड को कम करने के असरदारक उपाय  सेब का सिरका प्राकृतिक डेटॉक्स फायर है जो शरीर के विषैले पदार्थ को निकाल कर शरीर में अल्कलाइन एसिड को फिर से बनता है , साथ ही साथ सूजन और दर्द को भी कम करता है।  निम्बू विटामिन c से भरपूर होता है और खट्टा होता है यानि अम्ल होता है बहुत से लोगो को लगता है के इससे यूरिक एसिड और बढ़ जाता है वास्तव में ये अल्कलाइन  बढ़ाता है जिससे यूरिक एसिड का स्तर कम और नियंतरण में मदद मिलती है।  पानी आपके यूरिक एसिड कम करता है इसके लिए आपको 4 से 5  लीटर पानी रोज़ पीना है। ऐसा करने से यूरिक एसिड मूत्र के माध्य...

Uric acid | क्या होता यूरिक एसिड ? जाने बढ़ने की वज़ह और इसके लक्षण

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  यूरिक एसिड | uric acid  यूरिक एसिड की समस्या से बहुत से लोग जूझ रहे है। ये समस्या किडनी से उत्पन्न होती है ,किसी कारण वश किडनी की फ़िल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है तो यही यूरिया यूरिक एसिड में बदल जाती है ,यही एसिड हमारी हड्डियों के जोड़ो के बीच जमा हो जाता है जिसके बाद जोड़ो में दर्द ,सूजन आदि की समस्या हो जाती है , यूरिक एसिड का निर्माण हमारे शरीर की कोशिकाओं और भोजन में मिलकर बनता है ये एसिड मूत्र और मल  द्वारा बाहर  निकल जाता है जब कभी एसिड ज़रूरत से ज़्यादा बनता है तो ये किडनी उसको फ़िल्टर नहीं कर पाती और धीरे धीरे रक्त में एसिड की मात्रा बढ़ जाती है जो जोड़ो के बीच में गाउट ( बातरक्त )की समस्या उत्पन्न करता है।    यूरिक एसिड | uric acid  यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण  * जो लोग रेड मीट और सी फ़ूड  का सेवन ज़्यादा मात्रा में  करते उनको इसकी समस्या जल्दी होती है क्योकि रेड मीट प्यूरीन नमक तत्व पाया जाता है जिससे यूरिक एसिड की समस्या होती है  * ज़्यादा दवाओं का सेवन जैसे पेन किलर ,ब्लड प्रेशर अधिक मात्रा में करने पर ...

Glucosamine | जोड़ों के दर्द को कहे Bye Bye

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 Glucosamine | जोड़ों के दर्द को कहे Bye Bye  हम सभी लोग अपनी हेल्थ से बहुत प्यार करते हैं व उसका पूरा ख्याल रखने की कोशिश करते हैं । फिर भी हम किसी ना किसी समस्या से ग्रस्त हो ही जाते हैं । जिसमें जोड़ों का दर्द , गठिया , ऑस्टियो अर्थराइटिस आज की बहुत ही आम समस्या हो गई है । हमारे शरीर मे कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो गलत खान पान व बढ़ती उम्र के चलते हमारे शरीर से कम होने लगते हैं । जिसमें हम अधिकतर पेन किलर पर ही आश्रित हो जाते हैं । अधिक लंबे समय तक पेन किलर का सेवन हमारे किडनी व लीवर पर असर डालता है । तो ऐसे में समस्या यह आती है कि करें तो करें क्या ?  आप बिलकुल भी परेशान नहीं होइए । हम आपको आज बहुत ही असरदार व लाभदायक चीज के बारे में बताने जा रहे हैं जो आपके जोड़ों के दर्द में बहुत लाभकारी होती हैं । ग्लूकोसामिन क्या है ?  यह हमारे शरीर के जॉइंट्स एंड बोन्स के लिए विभिन्न प्रकार के सप्लीमेंट में सबसे ज्यादा उपयोग किया जाने वाला केमिकल है ग्लूकोसामिन एंड सलफेट । यह हमारे जॉइंट्स के आसपास पाया जाता है जो हमारे घुटनों के कार्टिलेज व साइनेवल फ्लूड को बनाने में अहम भूमिका...

Joints Pain। जोड़ों के दर्द से कैसे पाएं राहत ?

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क्यों होता हैं जोड़ों में दर्द ? पहले  जोड़ों में दर्द की समस्या  बढ़ती उम्र के साथ ही होता था, लेकिन आजकल ये समस्या युवाओं में भी काफ़ी देखनें को मिल रही हैं, इसकी एक मात्र वज़ह आज के लोगों का खान पान औऱ रहन सहन हैं। जोडों में दर्द हड्डियों के कमजोर होने से होता हैं, जोड़ों के दर्द का सबसे ज़्यादा असर  घुटनों  औऱ कमर दर्द  में देखनें को मिलता हैं। जोड़ों के दर्द को ठीक करने के लिए लोग कई तरह के इलाज भी अपनाते हैं, लेकिन फ़िर भी उन्हें जोड़ों के दर्द की समस्या से राहत नहीं मिल पाती हैं औऱ ऐसा होनें का मुख्य कारण एक ही हैं, जोड़ों के दर्द की सही जानकारी न होना। अक्सर लोगों जोड़ों में दर्द की वजह के बारें में पता ही नही करतें हैं, लेकिन दोस्तों एक बात का हमेशा ध्यान रखना चाहिए बीमारी चाहें जो भी हो पहलें उसका सही कारण जानने के बाद ही कोई भी इलाज करना चाहिये। आम भाषा में कहें तो जोड़ों में दर्द होंने का एक मात्रा कारण हैं हमारें जोड़ों में गिरीश की कमी होना। हमारे शरीर में जितने भी जोड़ होतें हैं, फिर चाहें वो हाथ के जोड़े हों कमर के जोड़ें हो या फ़िर पैरो के आदि इन सभी जो...

BONE HEALTH | अगर कर ले ये कुछ काम तो कभी नहीं होगा हड्डियों के जोड़ों को नुकसान

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BONE HEALTH | अगर करले ये कुछ काम तो कभी नहीं होगा हड्डियों के जोड़ों को नुकसान BONE HEALTH  मानव शरीर में जन्म के समय 306 हड्डियां पायी जाती है। शिशुओं में 270 हड्डियां पायी जाती है और युवाओं में यही हड्डियां घट कर सिर्फ 206 ही रह जाती है। लगभग 30 वर्ष की आयु में तंत्रिका का द्रव्यमान अधिकतम घनत्व पर पहुँचती है। अनेको हड्डियों से निर्मित कंकाल तंत्र मानव शरीर को सख्त रूपरेखा प्रदान करता है। यह अस्थियों , उपास्थियों, शिरा,और स्नायु अस्थिरज्जु जैसे संयोजी उत्तकों से बना होता है।  मानव शरीर में जोड़ो का महत्व क्या आप जानते हैं अगर मानव शरीर की हड्डियों में जोड़ न हो तो हम किसी भी प्रकार की गतिविधियां नही कर पाएंगे । और मानव शरीर ईट पत्थर के अलावा और कुछ नहीं होगा। जैसे- यदि हमारे पैरो में जोड़ नही होंगे तो हम बैठ नहीं सकते , हाथों की उंगलियों में जोड़ न हो तो हम खाना नहीं खा सकते , अगर गर्दन में जोड़ न हो तो हम सीधे ही देख सकते  अपने ईधर उधर तो बिल्कुल भी नही देख पाएंगे आदि। इसलिए जितना ज़रूरी  मानव शरीर में हड्डियों का होना है उतना ही हड्डियों में जोड़ होंना भी जरूरी होत...

Spinal cord | रीढ़ की हड्डी होती है जीवन का आधार जो उठाती है हमारा भार ।

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Spinal Cord | रीढ़ की हड्डी होती है जीवन का आधार जो उठाती है हमारा भार ।                    मेरुदंड को अंग्रेजी में Spinal cord कहते हैं । इसको अन्य नाम जैसे : रीढ़ की हड्डी , बैकबोन के नाम से जाता है । मेरुदंड हमारे शरीर को आकार , झुकाव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । यह गर्दन की अस्थियों से प्रारंभ होकर नीचे श्रोणि मेखला तक जाती है । यह अनेक छोटी छोटी अस्थियों से मिलकर बना होता है ।  मेरुदंड हमारे शरीर को आधार देने का काम करता है । इसकी सहायता से ही हम खेल कूद , भाग दौड़ , नाचना जैसी गतिविधि आसानी से कर पाते हैं  । इसकी सहायता से हम अपने शरीर को झुका पाते हैं । मेरुरज्जु / मेरुदंड हमारे शरीर को संतुलित रखता है ।  आइये जानते हैं , कैसी होती है मेरुदंड की संरचना ? हमारे शरीर के कंकाल तंत्र में रीढ़ की हड्डी की बहुत ही अहम भूमिका है । यह हमारे शरीर को गति , आकर देने में उपयोगी होती हैं । रीढ़ की हड्डी हमारे सिर की पसलियों और कूल्हों को जोड़ती है । यह हमारे शरीर के ऊपरी हिस्से को बहुत ही मजबूती से सहारा देने का काम करती ह...