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Showing posts from May, 2021

CORONA | कोरोना महामारी से लड़ने में Steroids कितना कारगर है ?

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भारत देश आज आज कोरोना वायरस की दूसरी लहर से जूझ रहा है । जिसमें मरीजों को हॉस्पिटल के अंदर उनके सही इलाज के लिये अन्य एंटीबायोटिक दवाओं के साथ में स्टेरॉइड्स भी दिए जा रहे हैं ।  स्टेरॉइड्स हमारे शरीर पर अहम रूप से असर  डालते हैं । जिनसे हमारे शरीर की इम्युनिटी भी कम हो जाती है ।  स्टेरॉयड शब्द, कॉर्टिकोस्टेरॉइड्स का शार्ट फॉर्म है। यह दवाएं एंटी-इंफ्लेमेटरी और इम्यूनो-सप्रेसिव के रूप में प्रयोग में लाई जाती हैं। आमतौर पर सूजन को कम करने के लिए इन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है। CORONA | कोरोना महामारी से लड़ने में Steroids कितना कारगर है ?  कोरोना में कब दिया जाता है स्टेरॉइड्स -  यदि आप कोरोना पॉजिटिव हैं तो इसके शुरुआती 5 से 6 दिन में स्टेरॉइड्स लेना बहुत ही खतरनाक हो सकता है । यह आपकी इम्युनिटी को कम कर वायरस को शरीर मे अधिक तेजी से फैला सकता है । स्टेरॉइड्स कोरोना मरीज को अधिकांश रूप से ऑक्सीजन लेवल गिरने पर दिया जाता है । लेकिन कौन सा स्टेरॉइड्स देना है , और उसकी कितनी मात्रा देनी है यह जानकारी भी अतिआवश्यक है ।  मधुमेह के मरीज के लिये स्टेरॉइड्स देना ...

चने की दाल से होने वाले 5 लाभ ।

वैसे तो सभी दालें हमारे लिये लाभकारी होती हैं । लेकिन आज हम बात करेंगे चने की दाल की ।  चने का फायदा तो हम सब जानते ही हैं । क्या आप चने की दाल के फायदे जानते हैं ?  आइये जानते हैं कि चने की दाल से हमें कौन कौन से लाभ होते हैं ।   1-  चने की दाल आपके शरीर में आयरन की कमी को पूरा करती है और हीमोग्लोबिन का स्तर बढ़ाने में मदद करती है। इसमें मौजूद अमीनो एसिड शरीर की कोशिकाओं को मजबूत करने में मददगार होती है । 2-    डायबिटीज नियंत्रण के लिए चने की दाल का सेवन बेहद फायदेमंद होता है। यह ग्लूकोज की अधिक मात्रा को अवशोषित करने में काफी मददगार है। सौंदर्य बढ़ाने के लिए चने की दाल का बेसन त्वचा पर लगाना लाभदायक होता है। 3- चने की दाल का सेवन कर आप कब्ज जैसी समस्याओं से आसानी से निजात पा सकते हैं। इतना ही नहीं, पीलिया जैसी बीमारी में चने की दाल का सेवन बहुत फायदेमंद है। 4-  फाइबर से भरपूर चने की दाल, कोलेस्ट्रॉल को कम कर आपका वजन कम करने में भी बेहद फायदेमंद साबित होती है। यह पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद है। 5-  चने की दाल जिंक, कैल्शियम, प्रो...

COVID- 19 | नीम हकीम बन कहीं आप खुद की जान खतरे में तो नहीं डाल रहे हैं ।

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जहाँ एक तरफ पूरे देश मे कोरोना को लेकर सब लोग परेशान हैं , वहीं दूसरी ओर कुछ लोग रोज रोज नए नए उपायों को बता रहे हैं ।  क्या ये उपाय सच में कारगर हैं , कोरोना संक्रमण को रोकने में । 1-   कुछ लोगों का कहना है कि गाय के गोबर को शरीर पर लगाने से व गौमूत्र को पीने से कोरोना का खतरा कम हो जाता है । इसका डॉक्टरों ने कुछ खास ठोस प्रमाण नहीं बताया है ।  इस मामले में इस बात के कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं कि गाय के गोबर या गाय के मूत्र से कोरोना के खिलाफ जंग में इम्युनिटी बेहतर की जा सकती है । ये पूरी तरह से आस्था पर आधारित है लेकिन ये साफ है कि इससे चीजें जटिल हो सकती हैं । 2-  आजकल सभी लोग गर्म पानी का सेवन कर रहे हैैं तो आपको यह भी जान लेना चाहिये कि बिना प्यास के आपको गर्म पानी को नहीं पीना है अधिक गर्म पानी पीने से आपके शरीर के एंजाइम एक्टिव हो जाते हैं जिसके कारण आपको इनसोम्निया बीमारी होने की संभावना हो जाती है । इसलिये पानी को उबालकर कुछ देर ठंडा होने के बाद ही पीये। 3 - आजकल लोग शरीर मे ऑक्सीजन लेवल को बढ़ाने के लिये कई प्रकार के उपायों को लगातार अपना रहे हैं , य...

BLACK FUNGUS | ब्लैक फ़ंगस कैसे पहुँचा रही है लोगों को नुकसान ।

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कोरोना काल में हर रोज हमें कुछ न कुछ नई समस्या के बारे में सुनने को मिल रहा है । जैसे आजकल लोग ब्लैक फ़ंगस को लेकर काफी परेशान हैं ।  ब्लैक फंगस क्या है ? यह कोविड के मरीजों व हम लोगों को किस प्रकार हानि पहुँचा रहा है आज इसके बारे में जानेंगे ।  BLACK FUNGUS | ब्लैक फ़ंगस कैसे पहुँचा रही है लोगों को नुकसान । ब्लैक फंगस क्या है ? कोविड के कुछ मरीजों में अभी हाल में म्यूकोर्माइकोसिस नाम का एक फंगल इनफेक्शन काफी देखने को मिल रहा है। इस फंगस यानी फंफूदी का संक्रमण वायु से ही होता है लेकिन यह घातक होता है। यह पहले त्वचा में दिखता है और फिर फेफड़ों और मस्तिष्क को भी संक्रमित करता है। आम बोलचाल की भाषा में इस रोगकारी फफूंदी को ब्लैक फंगस कहते हैं। FUNGUS रोग पैदा करने वाली यह फफूंदी वातावरण में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है। यह किसी को संक्रमित नहीं करती बल्कि यह जकड़ती है सिर्फ उन लोगों को जो किसी बीमारी की वजह से दवाएं खा रहे होते हैं। दवाओं की वजह से इन लोगों में वातावरण में मौजूद रोगकारी जीवाणुओं से लड़ने की ताकत घट जाती है। कोविड के मरीज ऐसे ही कम प्रतिरोधक क्षमता के लोग होते हैं ज...

PLASMA | क्या प्लाज्मा थेरेपी सच में कोविड वायरस से हमें बचाने में उपयोगी है ?

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आज भारत देश कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहा है । जिसमें लगातार कहीं ना कहीं से अनहोनी की खबर सुनने को आ ही रही है । इसी बीच हर जगह लोग सोशल मीडिया के माध्यम से प्लाज्मा दान के बारे में पोस्ट कर रहे हैं ।  इस पर सवाल यह उठता है कि क्या सच मे प्लाज्मा थेरेपी सच में कारगर है ?  सबसे पहले हम जान लेते हैं कि प्लाज्मा थेरेपी क्या होती है ?  प्लाज्मा थेरेपी क्या है ?        प्लाज्मा खून का ही एक हिस्सा है। यह बॉडी में करीब 52 से 62 फीसदी तक होता है। इसका रंग पीला होता है। इसे खून से अलग किया जाता है। कोविड -19 से ठीक हो चुके मरीजों में एंटीबॉडी विकसित हो चुकी होती है। कोविड से ठीक हुए मरीजों की बॉडी से खून निकाल कर उसमें से प्लाज्मा अलग किया जाता है। और यह कोविड मरीजों को चढ़ाया जाता है। हालांकि प्लाज्मा में एंटीबॉडी बन गई होती है इसलिए इससे मरीज जल्दी रिकवर होता है। डॉ के मुताबिक एक व्यक्ति के प्लाज्मा से 2 मरीज ठीक हो सकते हैं। बता दें कि एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ब्लड देने के बाद उसमें से प्लाज्मा किसी दूसरे मरीज को चढ़ाने की प्रक्रिया को कंवलसेंट ...

Sleeping Tips | आठ घंटे सोना है ज़रूरी , वरना हो सकते हैं, 5 नुकसान

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स्वस्थ रहने के लिए कम से कम आठ घंटे की नींद आवश्यक होती है, यह तो आप जानते ही होंगे। लेकिन अगर आप कम से कम आठ घंटे की पूरी नींद नहीं लेते हैं तो आपको सेहत के कौन से नुकसान उठाने पड़ सकते हैं, यह आप नहीं जानते। जानिए 5 नुकसान, जो नींद की कमी से होते हैं - 1 जब हम सो रहे होते हैं, तो हमारे शरीर में कुछ सकारात्मक परिवर्तन होते हैं जिनमें हमारा विकास, सुधार, कोशिकाओं का रिलेक्स होना एवं मानसिक विकास आदि। परंतु पर्याप्त नींद नहीं लेने पर आपको यह लाभ नहीं मिल पाते।  2 अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो यह आपकी मानसिक क्षमता और स्मरण शक्ति के लिए बेहद खतरनाक साबित होता है। आपकी याददाश्त कम होती जाती है, यहां तक कि आपको भूलने की बीमारी भी हो सकती है। 3 तनाव व मानसिक समस्याओं के शिकार अक्सर वे ही लोग होते हैं, जो पर्याप्त मात्रा में नींद नहीं लेते और मस्तिष्क को सही मात्रा में आराम नहीं मिल पाता। 4 नींद पूरी नहीं होने पर शरीर व दिमाग को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता, जिसके कारण शारीरिक दर्द, अकड़न जैसी समस्याएं होती है। इसके अलावा सिर का भारी होना, चिड़चिड़ापन भी आम बात है। 5 आपके पाचन...

Lungs | फेफड़ों को हेल्थी रखते हैं ये आहार ।

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कोरोना ने आज हर जगह तबाही मचा रखी है । इसमें सबसे ज्यादा नुकसान हमारे फेफड़ों पर पड़ रहा है । आज हम आपको कुछ ऐसे आहार के बारे में बताने जा रहे हैं । जिनके सेवन से आपके फेफड़े लम्बे समय तक स्वस्थ रह सकते हैं ।   1. हाई फाइबर फूड्स कोरोना वायरस से बचने के लिए अपने खाने में फाइबर से भरपूर डाइट शामिल करें। आप मल्टीग्रैन आटा , फलिया, चिया सीड्स, किनुआ, और ब्रोकली आदि शामिल करें। इससे आपके फेफड़े मजबूत होंगे। 2. कॉफी आपको शायद ना पता हो मगर कॉफी भी फेफड़े के लिए काफी अच्छी है। हर रोज एक कप ब्लैक कॉफी पीना फेफड़ों के लिए अच्छा होता है। इसमें एंटिऑक्सिडेंट होता है जिससे आपके फेफड़े हेल्दी होते हैं। कोशिश करिए कि आप ब्लैक कॉफी पिएं। 3. साबुत अनाज साबुत अनाज भी फेफड़ों के लिए काफी हेल्दी होता है। आप होल ग्रेन आटा, चावल, जई और जौ आदि अपने डाइट में शामिल करें। इसमें विटामिन ई और फैटी एसिड होता है जो आपके लंग्स को मजबूत रखता है। 4. हरी पत्तेदार सब्जियां  हमें बचपन से हरी पत्तेदार सब्जियां खाने की सीख मिलती है, फेफड़ों को स्वस्थ रखने में भी हरी सब्जियों का हाथ होता है। हरा साग बहुत हेल्दी...

Corona Death | तो ये वजह है, कोरोना की दूसरी लहर घातक साबित हुई |

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कोरोना की दूसरी लहर में पूरा देश डूबा हुआ है ,और दिन प्रतिदिन मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है, अगर स्वास्थ्य वैज्ञानिको की माने तो कोरोना की पहली लहर इतनी घातक नहीं थी जितनी की दूसरी ,क्योंकि ये कोरोना वायरस मुटेशन वाला है जो पहले कोरोना से 13 गुना तेज़ी से फैलता है ,जब तक आपको पता चलता है ,की आपको कोरोना हुआ है तब तक आपको बहुत देर हो चुकी होती है।  इस म्यूटेशन वाले कोरोना में शुरूआती लक्षण पता नहीं चलते जब आपका ऑक्सीजन लेवल गिरना शुरू होता है ,यानी यूँ कहें के जब आपकी साँस फूलना शुरू होती है ,तब आपको पता चलता है , आपको कोरोना हो गया है , वैज्ञानिको ने कहा है , इस बार के कोरोना में Happy Hypoxia है ,इसलिए मरीज़ो को शुरुआत में ये पता ही नहीं चल पाता  के उन्हें कोरोना हुआ है या नहीं। अगर बात करे तो पहले वाले कोरोना में ऐसा नहीं था।  Corona Death | तो ये वजह है, कोरोना की दूसरी लहर घातक साबित हुई | ये  Happy Hypoxia है ,क्या ? आइये जानते है।  यानी जो मरीज़ जिनमे कोई सिम्टम्स नहीं है ,अगर उनमे कुछ लक्षण है वो भी बहुत मामूली , और इसमें ऑक्सीजन लेवल अचानक स...

Stutter ‍ | हकलाना कैसे दूर करें ?

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हकलाना (Stuttering) या फिर यूं कहें कि रुक रुक कर बोलना। यह एक ऐसी समस्या है जो दुनिया में लगभग 1% लोगों को है। हकलाना एक स्पीच डिसऑर्डर माना जाता है किस कारण व्यक्ति किसी भी शब्द को बार-बार दोहराना शुरू कर देता है। हर इंसान दूसरे से अलग है इसीलिए हकलाने की समस्या का अभी तक कोई इलाज नहीं है। परंतु कुछ ऐसी एक्सरसाइज हैं जो इस समस्या को कम करने में मदद करती हैं। आइए जानते हैं कि घर पर रहकर आप कैसे इस समस्या को ठीक कर सकते हैं। Stutter ‍ | हकलाना कैसे दूर करें 1. जब बोलना शुरू करें तो उससे पहले गहरी सांस लें:-    यदि आप ज्यादा चिंता करते हैं तो यह हकलाने की समस्या को और भी  बड़ा देगी। बोलने की प्रैक्टिस करने से पहले या फिर किसी व्यक्ति के सामने बोलने से पहले एक गहरी सांस में जोकि बहुत ही फायदेमंद साबित होगी। ऐसा करने से यह आपकी चिंता को कम करेगी और इससे हकलाने की समस्या भी कम हो जाएगी। # यदि  आप अपनी चिंता को कम करना चाहते हैं तो नियमित रूप से गहरी सांस की एक्सरसाइज करनी चाहिए। यानी कि बोलने से पहले गहरी सांस लेनी चाहिए जो कि आपकी चिंता को दूर करेगी। 2. शीशे के सामने खड...

LUNGS | फेफड़ों को मजबूत और इनकी ऑक्सीजन लेने की क्षमता बढ़ाने वाली 6 आसान और असरदार एक्सरसाइज

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आज की  भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहने और सामान्य रूप से कार्य करने के लिए भी आपके फेफड़ों को व्यायाम की जरूरत होती है । फेफड़े हमारे शरीर को शुद्ध ऑक्सीजन देने का काम करते हैं । शरीर की लगभग हरएक गतिविधि ऑक्सीजन पर निर्भर है, जिसमें कोशिकाओं के कुछ कार्य भी शामिल हैं। फेफड़े शरीर के हर हिस्से में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करते हैं, और कुछ व्यायाम फेफड़ों को हवा में , सांस लेने में ,ऑक्सीजन के बेहतर अवशोषण में मदद करते हैं । फेफड़ों की एक्सरसाइज आपके फेफड़ों को वायुप्रवाह और उनमें ऑक्सीजन लेवल को मैनेज करने में अहम भूमिका निभाते हैं । आज कल बढ़ती स्वास्थ्य समस्या व वायुप्रदूषण के चलते लोग मजबूत फेफड़ों के लिए तरह तरह के व्यायाम करते हैं । आज हम  फेफड़ों को स्वास्थ्य व बेहतर बनाने के लिए 6 आसान व्यायामों के बारे में बताएंगे । फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने के लिए व्यायाम  1. एरोबिक्स व्यायाम - एरोबिक्स व्यायाम एक लयबद्ध गति से बड़े मांसपेशी समूहों को टारगेट करके फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । यह आपके दिल और फेफड़ों को मजबूत बनाता है । इसलिए शरीर अधिक...