BONE HEALTH
मानव शरीर में जन्म के समय 306 हड्डियां पायी जाती है। शिशुओं में 270 हड्डियां पायी जाती है और युवाओं में यही हड्डियां घट कर सिर्फ 206 ही रह जाती है। लगभग 30 वर्ष की आयु में तंत्रिका का द्रव्यमान अधिकतम घनत्व पर पहुँचती है। अनेको हड्डियों से निर्मित कंकाल तंत्र मानव शरीर को सख्त रूपरेखा प्रदान करता है। यह अस्थियों , उपास्थियों, शिरा,और स्नायु अस्थिरज्जु जैसे संयोजी उत्तकों से बना होता है।
मानव शरीर में जोड़ो का महत्व
क्या आप जानते हैं अगर मानव शरीर की हड्डियों में जोड़ न हो तो हम किसी भी प्रकार की गतिविधियां नही कर पाएंगे । और मानव शरीर ईट पत्थर के अलावा और कुछ नहीं होगा। जैसे- यदि हमारे पैरो में जोड़ नही होंगे तो हम बैठ नहीं सकते , हाथों की उंगलियों में जोड़ न हो तो हम खाना नहीं खा सकते , अगर गर्दन में जोड़ न हो तो हम सीधे ही देख सकते अपने ईधर उधर तो बिल्कुल भी नही देख पाएंगे आदि। इसलिए जितना ज़रूरी मानव शरीर में हड्डियों का होना है उतना ही हड्डियों में जोड़ होंना भी जरूरी होता है।
हड्डियों के जोड़े क्यों हो जाते हैं कमजोर
अगर आपकी हड्डियां कमज़ोर है तो इसे ऑस्टियोपोरेसिस कहते है। ऑस्टियोपोरेसिस क्यों होता है ? इसे आप इस तरह से समझ सकते हैं व्यक्ति के पैदा होने से लेकर किशोरावस्था तक तो हड्डियां विकसित होती ,बढ़ती और मजबूत होती है उसके बाद हड्डियों का बढ़ना बंद हो जाता हैं। किशोरावस्था के बाद हड्डियां मजबूत होना बंद कर देती है पहले से बनी मजबूती को ही मरम्मत करने का काम दोहराती रहती है। दिन भर के काम और उठापटक में हड्डियों का जो नुकसान होता है उसकी ही मरम्मत चलती रहती है।
इसके अलावा मानव शरीर की नसों मे जो खून बह रहा है उसमे यदि कैल्शियम की कमी हो जाती है तो खून अपने कैल्शियम की कमी को हड्डियों के कैल्शियम से पूरा करता है। इस बजह से भी हड्डियां कमजोर होने लगती है।
बढ़ती उम्र के साथ हमारे जोड़ो में दर्द होना शुरू हो जाता है ऐसा अक्सर 30 की उम्र के बाद होने लगता है डॉक्टर्स की माने तो हड्डियों के चारो तरफ एक पतली झिल्ली का आवरण होता हैं जिसमे स्नोवाल फ्ल्यूड (जिसे आम भाषा में ग्रीस भी कहा जाता है।) भरा होता है। धीरे धीरे ये ग्रीस खतम होने लगता है जिसकी बजह से जोड़ो में दर्द होने लगता है इसे गाठिया भी कहा जाता है और यदि एक बार किसी को भी गठिया की प्रॉब्लम शुरू हो जाये तो आसानी से नही जाती है।
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| KNEE PAIN |
हड्डियों को कैसे बनाये मजबूत
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिये हमें हेल्थ सप्पलीमेंट का इस्तेमाल करना चाहिए जैसे-ग्लूकोसामाइन,
कैल्शियम, चलिए इनके गुणों को भी जान लेते हैं ,ये हमारी हड्डियों के लिए क्यों जरूरी है।
* ग्लूकोसामाइन- एक प्राकृतिक यौगिक और ग्लाइकोसामाइनोग्लाइकेन्स का सामान्य संघटक है। यह स्वस्थ कार्टिलेज और साइनोवायल फ्ल्यूड में पाया जाता हैं। ग्लूकोसामाइन जोड़ो को चिकना रखता हैं और स्वस्थ कार्टिलेज को सपोर्ट करता है। यह कार्टिलेज रिजनरेशन में मदद करता है। यह सानइनोवायल फ्ल्यूड के उत्पादन में भी मदद करता है।
* कैल्शियम- कैल्शियम कार्बोनेट एक सप्लीमेंट है जिसका इस्तेमाल तब किया जाता है जब भोजन के साथ लिया जाने वाला कैल्शियम शरीर के लिए पूरा नही पड़ता है। कैल्शियम कार्बोनेट मजबूत और स्वस्थ हड्डियों के निर्माण औऱ रख रखाव में मदद करता है। यह दांत की समस्याओं की रोकथाम में उपयोगी है। विटामिन डी3 के साथ मिलकर यह अस्थि के घनत्व बढ़ाने में मदद करता है और यह व्रद्ध महिलाओं और पुरुषों के लिए अत्यंत लाभकारी है। कैल्शियम कार्बोनेट अस्थिसुशिरता के जोखिम को कम करता है और महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है
हेल्थ सप्लीमेंट इस्तेमाल करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर ले।


Wow ! It's important knowledge for everyone...thanks
ReplyDeleteReally NYC
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