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| अनुलोम विलोम | प्राणायाम कोरोना से लड़ने में कारगर |
अनुलोम विलोम एक बहुत ही प्रसिद्ध व चमत्कारिक प्राणायाम है । यह हमारे लिए बहुत ही लाभदायक है । रोजाना अनुलोम विलोम प्राणायाम करने से आप स्वस्थ व तंदुरुस्त रहते हैं तथा बीमारियां भी आपसे दूर रहती हैं।
अनुलोम विलोम एक प्राणायाम है जिसका अर्थ है - अनुलोम - दायीं नासिका , विलोम - बायीं नासिका और प्राणायाम - साँस लेना । इस प्रकार इस प्राणायाम का अर्थ होता है सांस लेना व सांस छोड़ना । आज कोरोना काल में प्राणायाम बहुत सही साबित हो रहा है ये आपकी कोरोना के प्रति लड़ाई में मददगार साबित हो रहा है वो इसलिए क्योकि इससे आपकी इम्युनिटी काफी अच्छी हो जाती है. और जिस किसी की भी इम्युनिटी अच्छी है वो आराम से कोरोना को हरा देता है।
योग गुरु बाबा रामदेव जी ने अनुलोम विलोम प्राणायाम को सर्वश्रेष्ठ प्राणायाम बताया है । वे रोजाना सुबह सुबह एक चैनल के माध्यम से लोगों को योगा के फायदे व उनको करने का सही तरीका सिखाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं ।
यह प्राणायाम हमारी नाड़ियों (नसों) को शुद्ध रखने का काम करता है । जिससे शरीर मे ऑक्सीजन के स्तर को भी बढ़ता है । इस आसन की मदद से बंद नाड़ियों को भी खोला जा सकता है व दिमाग को स्थिर , शांत करने में भी मदद मिलती है ।
इस प्राणायाम को रोजाना करने से हमारे शरीर मे रक्त का प्रवाह भी अच्छा रहता है व रक्त शुध्द भी होता है । यह प्राणायाम हमारे शरीर से लगभग 70 - 80 % विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है ।
अनुलोम विलोम के क्या फायदे होते हैं ?
यह बहुत ही उपयोगी प्राणायामो में से एक है । जिसको रोजाना करने से आप निरोगी रहते हो ।
★ यह प्राणायाम शरीर के तापमान को नियंत्रित व सही से बनाए रखने में मदद करता है ।
★ इस प्राणायाम को रोजाना करने से खर्राटे लेने की समस्या से भी छुटकारा मिलता है ।
★रक्त प्रवाह को सुचारू रूप से चलाने में मदद करता है व रक्त को शुद्ध रखता है ।
★ यह हमारे श्वसन तंत्र व फेफड़ों को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है ।
★इसका रोजाना अभ्यास करने से शरीर मे ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ती है ।
कैसे करें अनुलोम विलोम प्राणायाम ?
इस महत्वपूर्ण व लाभकारी आसन को करने के लिए आपको इसे करने का सही तरीका जानना भी अतिआवश्यक है ।
इस आसन को करने का सही तरीका / मुख्य चरण ये हैं-
★ सर्वप्रथम पालती (चौकुड़ी ) मारकर बैठ जाये ।
★ अब अपने दाएं अंगूठे से अपनी दाईं नासिका (नाकछिद्र) को बन्द कर बाईं ओर की नासिका के द्वारा सांस को अंदर की ओर लें ।
★ उसके बाद अपनी अनामिका उंगली से बाईं ओर की नासिका को बंद कर , दाहिनी ओर की नासिका को खोलें और सांस बाहर की ओर छोड़ दें ।
★ अब आपको अपनी दाहिनी नासिका से ही सांस को अंदर की ओर लेना है और उसी प्रकार प्राणायाम के चरणों को दोहराते हुए बाई नासिका से सांस को बाहर की ओर छोड़ देना है ।
उपरोक्त चरणों को आपको प्रतिदिन सुबह शाम कम से कम 10 मिनट तक करना चाहिए ।
यदि आपके पेट की सर्जरी या ब्रेन की सर्जरी हुई हो तो इसको आपको किसी योग गुरु के सानिध्य में सीखकर ही करना चाहिए ।
अनुलोम विलोम प्राणायाम हमारे शरीर को रोग प्रतिरोधक क्षमता( immunity) को भी बढ़ाता है । जिससे आपको बार बार छोटी छोटी बीमारियों के लिए डॉक्टर के पास दवा लेने भी नही जाना पड़ता है ।
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Yoga bahut acha hai
ReplyDeleteRoj karo yog raho nirog
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