हम सभी लोग खुद को स्वस्थ व तंदुरुस्त रखने के लिए तरह तरह के व्यायाम करते हैं , रनिंग करते हैं , जिम जाते हैं । ये सभी कार्य हम लोग खुद को स्वस्थ रखने के लिए करते हैं । बहुत से लोग योगा भी करते हैं । आज हम योगा में आने वाले सूर्य नमस्कार आसन के बारे में जानेंगे व इसके क्या क्या लाभ हैं उसके बारे में भी जानेंगे ।
सूर्य नमस्कार आसन क्या है ?
सूर्य नमस्कार आसन सभी योगा आसनों में से सबसे महत्वपूर्ण आसन है । इसको सर्वांग व्यायाम के नाम से भी जाना जाता है। यदि हम सूर्य नमस्कार आसन को उचित अभ्यास करके करें , तो ही हम इसके भरपूर लाभ ले सकते हैं व स्वयं को निरोग व तंदुरुस्त रख सकते हैं ।
सूर्य नमस्कार आसन कब करें ?
सूर्य नमस्कार आसन को करने का सबसे उचित समय सूर्योदय के समय है क्योंकि इस समय में हमें सबसे अधिक मात्रा में विटामिन डी प्राप्त होती है । जो हमारे लिये काफी लाभदायक होती है ।
सूर्य नमस्कार आसन में कुल 12 अवस्थाएं या चरण होते हैं । जिनका बारी बारी से सभी चरणों का एक बार में ही अभ्यास करने के बाद ही यह आसन पूर्ण होता है ।
इस आसन की 12 अवस्थाएं निम्न हैं जो हमे बारी बारी से इसी क्रम में करनी होती हैं -
◆ प्राणामासन
◆ हस्त उत्तासन
◆ उत्तासन
◆ अश्व संचालासन
◆ चतुरंग दंडासन
◆ अष्टांग नमस्कार
◆ भुजंगासन
◆ अधोमुक्त श्वासन या पर्वतासन
◆ अश्व संचालनासन
◆ उत्तासन
◆ हस्त उत्तासन
◆ प्रणामासन
इन उपरोक्त 12 अवस्थाओं को करने के बाद ही सूर्य नमस्कार आसन पूर्ण होता है ।
सूर्य नमस्कार आसन से क्या क्या लाभ हैं ?
सूर्य नमस्कार कई योगा आसनों से मिलकर बना है । इसको प्रत्येक सुबह 20 मिनट प्रतिदिन करने से आपके शरीर में कई सारे लाभ प्राप्त होंगे ।
◆ सूर्य नमस्कार करने से शरीर में रक्त का संचार ठीक रहता है।
◆ सूर्य नमस्कार करने से कब्ज व पेट की सभी समस्याओं से छुटकारा मिलता है ।
◆ इससे रोजाना करने से पाचन क्रिया दुरूस्त होती है जिससे मेटाबॉलिज़म अच्छे से काम करता है । जिसके परिणामस्वरूप मोटापा व वज़न कम करने में भी मदद मिलती है । ◆ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द से निजात दिलाने में भी काम करता है ।
◆ इससे हमारी रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है व कमर को लचीला बनाने में मदद मिलती है । ◆ इस आसन को रोजाना करने से अनिद्रा व तनाव दोनों से ही राहत मिलती है ।
सूर्य नमस्कार आसन किस किस को नहीं करना चाहिये ?
- सूर्य नमस्कार आसन वैसे तो बहुत लाभकारी होता है । लेकिन यदि आप कमर दर्द , स्लिप डिस्क से परेशान हैं तो यह आसन आपको नहीं करना चाहिये ।
- महिलाओं को गर्भ धारण के 4 माह बाद से व मासिक धर्म के दौरान इसको नहीं करना चाहिये ।
- लंबी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति को , ह्रदय रोगी व ऑपरेशन हुए व्यक्ति को इस आसन को एक योगा प्रशिक्षक के सानिध्य में ही करना चाहिये ।
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Nice information 🙂
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