कोविड-19 की दूसरी लहर बहुत ही घातक साबित हुई अब कोरोना के केस कभी हद तक कम हो गये है ,लेकिन खतरा अभी टला नहीं है और कई रिसर्च में यह भी पता चल रहा है कि इसकी तीसरी लहर भी आ सकती है। कोविड19 की दूसरी लहर अभी खत्म नहीं हुई साथ ही तीसरी लहर का खतरा भी बना हुआ है। लोगों को केवल कोविड-19 नहीं किया बल्कि इसके साथ ही ब्लैक फंगस का भी खतरा बढ़ चुका है। आज की तारीख में हमारे देश में दो हजार से ज्यादा केस ब्लैक फंगस के हो चुके हैं।
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| Black fungus |
ब्लैक फंगस किसे कहते हैं: -
Mucormycosis ब्लैक फंगस को वास्तव में सीरियस थैप माना जाता है। ब्लैक फंगस mucormycosis फैमिली से आता है। ब्लैक फंगस हवा में पाया जाता है।
अगर आप ज्यादा बीमार है और आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है तो ब्लैक फंगस का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है। इसको हवा में से इन्हेल करते हैं जो कि नाक के द्वारा भी हो सकता है। फंगस का कोविड 19 से कोई सीधा संबंध नहीं है लेकिन रिसर्च में यह माना गया है कि कोविड-19 होने वाले और सारे मरीजों में ब्लैक फंगस की समस्या होने लगी है।
ब्लैक फंगस से किसको ज़्यादा खतरा रहता है। ?
1. जो कोरोना के मरीज बहुत लंबे समय से वेंटिलेटर पर हैं या आईसीयू में है उनको ब्लैक फंगस का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है।
2. जिन व्यक्तियों के इम्यूनिटी कमजोर होती है इन सिस्टम ने कोई दिक्कत होती है उनको भी ब्लैक फंगस का खतरा रहता है।
3. मरीजों का ब्लड शुगर लेवल संतुलन में नहीं होता है उनको भी ब्लैक फंगस का खतरा बढ़ जाता है।
4. किसी भी कैंसर या एचआईवी इन सभी लोगों को ब्लैक फंगस का खतरा काफी हद तक बढ़ जाता है। की सभी लोगों को ब्लैक संगत से सतर्क रहना चाहिए लेकिन जिन व्यक्तियों को यह बीमारियां हैं उनको ब्लैक फंगास से सतर्क हो जाना चाहिए।
5. इस समय कोविड के 90% मरीज होम आइसोलेशन से ही ठीक हो जाते हैं ऐसे लोगों को ब्लॉक फंगस का कोई खतरा नहीं होता और ना ही ने ब्लैक फंगस होता है।
6. यदि आप हॉस्पिटल में है तब आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपकी नाक या कान के पास ब्लैकस्पॉट्स तो नहीं हो रहे हैं।
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Very useful Post 👌
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