Diwali Air Pollution | दीवाली के पटाख़े इस तरह से सेहत को करते है । " धुआँ धुआँ "

दिवाली आ रही है, ये खुशियों का त्यौहार है। ये खुशियों का बना ही रहे यही हम कामना करते है लेकिन दिवाली खत्म होने के साथ साथ कुछ दिक्कत परेशानी भी लेकर आती है और दिक्कत परेशानी सीधे सीधे आपके स्वस्थ्य से जुडी है। दिवाली के पटाखों का धुआँ आपके लिए इतना खतरनाक है, के आप सोच भी नहीं सकते। अगर आकड़ो की बात करे तो WHO के अनुसार हर साल 7 मिलियन लोगो की मौत सिर्फ और सिर्फ वायु प्रदुषण की वजह से होती है। आज हम इसी के बारे में बात करेंगे की कैसे और किस तरह से आपकी सेहत इस प्रदुषण के धुँए से धुआँ धुआँ हो सकती है।

वायु प्रदुषण के कई प्रकार है। 
  • ब्लैक कार्बन 
  • पर्टिकुलेट मेटर 
  • नाइट्रोजन डाइऑक्साइड  
  • ओजोन 
  • सल्फ़र डाइऑक्साइड 
वायु प्रदुषण में ये सभी गैस होती है। लेकिन जगह जगह पर इसकी मात्रा वातावरण में कम और ज़्यादा होती रहती है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है दिवाली पर पटाखों से निकला धुआँ बहुत बहुत ज़हरीला होता है। इस धुएं में ( कार्बन डाई ऑक्साइड , मोनो ऑक्साइड ,सल्फ़र डाई ऑक्साइड मुख्यता होती है। जो धरती पर रहने वाले इंसान ही नहीं सभी पशु ,पक्षियों के लिए भी बहुत घातक होती है। आज ये भी जानिये कौन सा पटाख़े कितना धुआँ छोड़ते है 
  • एक अनार 2 से 3 मिनट जलने पर 34 सिगरेट के बराबर धुँआ छोड़ता है। चकरी 4 मिनट तक चलने पर 68 सिगरेट के बराबर धुआँ छोड़ती है। फुलझड़ी 2 मिनट तक जलने पर 74 सिगरेट के बराबर , 1000 मिर्ची बम 6 मिनट तक जलते है तो 277 सिगरेट के बराबर , और सबसे ज़्यादा साँप टेबलेट धुआँ छोड़ती है ये सिर्फ 3 मिनट तक ही जलने पर 464 सिगरेट के बराबर धुआँ छोड़ती है। 


इन सबका P M Level 2.5 होता है। जो वायुमंडल में सबसे महीन कण होता है। जो लगभग मनुष्य के बाल का सिर्फ़ 3 प्रतिशत होता है। जब वायुमंडल में 2.5 P M  लेवल की मात्रा अधिक हो जाती है ,तो हमे धुअंध और कोहरा जैसा नज़र आने लगता है ,ये कण वाकई में इतने महीन होते है साँस लेने पर आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते है साथ ही साथ आंख में लगने पर जलन महसूस होती है। इसका सबसे ज़्यादा असर बच्चो ,और बुजुर्गो पर होता है। दिल्ली में लगातार P M लेवल में वृद्धि हो रही है दिल्ली की हवा में 2.5 PM का स्तर हाल ही में बहुत बढ़ा है जिससे शहर की हवा और ज़हरीली हो गई है। प्रदुषण नियंत्रित हो सके जिसके चलते दिल्ली सरकार ने पटाखों को जलाने  पर बैन लगा रखा है। 
  • शरीर को क्या नुकसान पहुँचता है ?
  • इस प्रदुषण का असर सीधा आपकी सेहत पर पड़ता है ,जिससे आपको कई बीमारियां हो सकती है जैसे - सबसे बड़ी साँस से जुडी दिक्कत ,अस्थमा , फेफड़ो का ख़राब होना ,किडनी फेल होना , दिल से जुडी बीमारी , साथ ही साथ आपकी इम्युनिटी कम हो जाती है जिससे आप जल्दी जल्दी बीमार होने लगते है। 
* कैसे करे बचाव ?
इसके बचाव के लिए सबसे अच्छा विकल्प फेस मास्क और एयर प्यूरीफ़ायर है। हो सके तो घर में ही रहे ज़्यादा ज़रूरत हो तभी बहार जाये ,जब भी बहार जाए फेस मास्क का प्रयोग  ज़रूर करे। जिससे वातावरण में फैला धुआँ आपके अंदर न जा पाए , अगर घर पर है तो घर के अंदर की हवा को शुद्ध  करने के लिए एयर प्यूरीफ़ायर को प्रयोग में ज़रूर लाये। अगर ऐसा करेंगे तो आप प्रदुषण के दुषप्रभावों से बच पाएंगे। 

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