मधुमेह से इंडिया में बहुत लोग पीड़ित है अगर आकड़ो की बात करे तो इंडिया में 77 मिलयन संख्या है। चीन के बाद दूसरे नंबर पर ये गंभीर विषय है, अगर रिपोर्ट की बात करे तो ये 2030 तक ये संख्या 100 मिलयन के पार जा सकती है । अब आप सोच रहे है ये कम होने के वजाए बढ़ते ही जायेगे ,जी हां ये संख्या बढ़ती ही जाएगी ,अगर आपने खान पान नहीं सुधारा तो । मधुमेह होने का मुख्य कारण ही गलत खान पान है। सबसे पहले आपको अपनी रसोई में लेकर चलते है। अगर आप देखेंगे तो आपके यहाँ जो खाना बन रहा है वो कौन से तेल में बन रहा है जबाब आएगा ,रिफइन्ड ऑइल , डिब्बा बंद बनस्पति या फिर पाम ऑइल ये सब आयल एकदम तो आपको नुकसान नहीं पहुंचते पर एक दिन ज़रूर पहुंचाते है। मधुमेह के लिए ख़राब जीवन शैली और आज के दौर में जो मिल रहा है सब मिलावटी ये सब चीज़े के कारण बनती है। जितना हम नेचुरल चीज़ो से दूर है उतनी बीमारियां हमारे पास है। पहले लोग नेचुरल चीज़ो के करीब तो बीमारियां दूर थी।
क्यों और कैसे होती है मधुमेह ;
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| diabitic cheak |
क्यों और कैसे होती है मधुमेह ;
हमारा शरीर 63 खरब कोशिकाओं यानि सैल्स से मिलकर बना होता है ,ये सारे सैल्स मिलकर ऊतक का निर्माण करते है ,और ऊतक मिलकर ऑर्गनस जैसे , किडनी , लिवर ,दिल ,अग्न्याशय ( pancreas ) आदि का निर्माण करते है, ये सभी से मिलकर एक मानव शरीर का सृजन होता है , इंसान को जिंदा रहने के लिए भोजन ज़रूरत होती है ,ये जो हमारे सैल्स होते है उनको भोजन से कोई मतलब नहीं है उनको चाहिए होता है आपके भोजन में छुपे न्यूट्रिशन से जैसे ,विटमिन ,मिनरल ,प्रोटीन ,फाइबर ,आदि जब हमारे सैल्स को ये पोषक तत्व नहीं मिल पाते तो हमारी कोशिकाएं ( सैल्स ) डैमेज हो जाती है, जब सेल्स डैमेज होते है तो cells -tissue -organs -body सब लाइन से डैमेज हो जाते है। इस तरह से हमारा शरीर बीमार हो जाता है या कह सकते है के बॉडी अस्वस्थ्य हो जाती है। ऐसे ही हमारे शरीर में ऑर्गन होता है अग्न्याशय ( pancreas) बॉडी में जो भी शुगर जाती है इसका काम होता है शुगर ब ग्लूकोज़ को ऑक्सीकृत ( हजम) करना जब हमारेअग्न्याशय को सैल्स से ही कोई पोषण नहीं मिला ऐसे में स्वस्थ्य तरीके से काम नहीं करता और शुगर को ऑक्सीकृत करना बंद कर देता है धीरे धीरे बॉडी में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है। जो हमारे ब्लड में फ्लो करती है। और हम इसे डायबिटीज ,मधुमेह ,शुगर नाम से जानते है। यह शरीर में इन्सुलिन के उत्सर्जन और इन्सुलिन की क्षमता को प्रभावित करता है। इन्सुलिन भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम करता है ये एक प्रकार का हार्मोन है जो ऊर्जा वाहक है शरीर की ऊर्जा कोशिकाओं तक ले जाने के लिए।
मधुमेह के लक्षण -
शुगर लेवल आपका 100 से कम है तो ये सामान्य में आती है अगर 101 से 125 में है तो प्री डायबिटीज और 125 से जाएदा है तो आपको डायबिटीज है ,इसके शरीर में कुछ लक्छण देखने को मिलते है।
- बार बार भूख लगना
- शरीर के वज़न का तेजी से घटना
- जाएदा नींद आना
- जाएदा प्यास लगना
- बार बार पेशाब आना
- शरीर में थकान और कमज़ोरी बने रहना
- स्वाभाव में चिड़चिड़ा पन आना
- त्वचा का रुखा होना और खुजली होना
- मीठा खाने की जाएदा इच्छा होना
मधुमेह के बचाव और क्या करें क्या न करें
अपने दैनिक जीवन की कुछ शैली और खान पान बदल कर आप इससे बच सकते है।
- मधुमेह के बचाव के लिए नियमित रूप से व्यायाम करे अपने शरीर को कम से कम 30 से 40 मिनट ज़रूर दे ,आपके दैनिक दिनचर्या में शारारिक परिश्रम का कम होना ,एक ही जगह पर काफी देर तक बैठ कर काम करना। शरीर का जाएदा बजन ,मोटा होना इन सब से बचना चाहिए। शरीर में जाएदा चर्बी इन्सुलिन बनने की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
- खाने में संतुलित आहार ले ,हरी सब्ज़ी , दाले ,फाइबर उक्त भोजन ले। फाइबर सबसे जाएदा ज्वार ,बजरा ,मक्का और दालो में होता है फाइबर आपके मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करता है ,खाने में आलू ,चीनी ,चावल या जाएदा कार्बोहइड्रेट वाली चीज़े जैसे पिज़्ज़ा बर्गर कोल्ड ड्रिंक जंक फ़ूड ये सब नहीं लेना चाहिए
- खाना पकाने के लिए आप राइस ब्रेन ऑइल या शुद्ध सरसों के तेल का यूज़ करे ,पाम ऑइल , रिफइन्ड आयल ,बनस्पति घी आज ही रसोई से बाहर करे।
- हमें पर्याप्त नींद बहुत ज़रूर है। कम से कम 7 से 8 घंटे की नींद बहुत ज़रूरी है ,क्युकी जो भी हमारे शरीर में कोशिकाओं की टूट फूट होती वो सोते समय अच्छे से रिपेयर होती है। इसलिए हमें देर रात तक जगने से बचना चाहिए और जल्दी सुबह उठना चाहिए।
- मधुमेह से बचाव शरीर को निरोग रखने के लिए अनुलोम विलोम और प्रणायाम नियमित रूप से करे इससे हमारे शरीर की कोशिकाओं को नई ऊर्जा मिलती है और डैमेज कोशिकाये भी रिपेयर हो जाती है जिससे हमारा ऑर्गन अग्न्याशय सामान्य तरीके से काम करता है।
- मानसिक तनाव से दूर रहे ,जब आप तनाव में होते हो ऐसे में आपकी कोशिकाएं डैमेज होती है। अपनी जीवन शैली में शराब ,सिगरेट किसी नशे को जगह न दे।
- मीठे में चीनी की जगह आप गुड़ ले सकते है। ये मीठा आसानी से पचता है क्युकी ये नेचुरल होता है ऐसे ही जितने भी मीठे फ़ल है इन सब में नेचुरल शुगर होती है ,इससे आपको कोई डरने की ज़रूरत नहीं। अगर आप चीनी का बिकल्प चाहते हो तो आप stevia ले सकते है ये एक पौधा होता है ,इसमें शुगर निल होती है। लेकिन मीठे होने में चीनी से कम नहीं। मधुमेह को कंट्रोल करने में इससे काफ़ी मदद मिलती है। विस्तार से पढ़े click करे 👉 stevia
मधुमेह अगर कण्ट्रोल न किया जाये तो आगे जाकर और भी दिक्क त हो सकती है जैसे आँखों की रौशनी धीरे धीरे कम होना , किडनी डैमेज , तंत्रिका रोग ,दिल की बीमारी आदि रोग हो सकते। इसलिए आपको जाएदा सतर्कता बरतने की ज़रूरत है।
चेतावनी - चिकित्सक से परामर्श ज़रूर ले
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Right Sir Agar Hum Apne dincharya or khaan paan ko sudhar le to kai rogo se bach sakte hai...Thank you for great information...
ReplyDeletewelcome priti
DeleteVery useful article.
ReplyDelete👍
ReplyDeleteRight knowledge on madhumeh
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