WHO - 8 लाख से भी ज़्यादा लोग खुदखुशी करते है

                                   


WHOworld health organization के अनुसार पुरे विश्व में हर वर्ष  8 लाख से भी ज़्यादा लोग खुदखुशी करते है। जिसमे भारत से संख्या डेढ़ लाख है यानी हर वर्ष डेढ़ लाख से जाएदा लोग हमारे भारत में खुदखुशी कर लेते है।  आकड़ा जानकर बहुत से लोगो को हैरानी होगी ,इस मामले में भारत देश 6 नंबर पर आता है हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत के  खुदखुशी करने के बाद लोगो पर इसका बहुत गहरा असर हुआ ,सुशांत की मौत के बाद कई लोगो ने खुदखुशी करने की कोशिश की ,सुशांत की खुदखुशी से कई लोग प्रेरित हुए है ,जिससे ये कदम उठाया।  
sushant singh rajput

बरेली का केस - हाल ही में बरेली का एक मामला सामने आया कार्तिक सक्सेना जो 16 वर्ष का था और 10 वी का छात्र था , लोग उसकी मज़ाक और हंसी उड़ाते थे क्युकी वो लड़की  की तरह दिखता  था जिससे तंग आकर उसने ये कदम उठाया ,कार्तिक ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ कर गया जिसमे लिखा था जब सुशांत कर सकता है तो मै क्यों नहीं,जिससे साफ़ पता चलता है की वो सुशांत सिंह राजपूत की खुदखुशी से प्रेरित था। 

सागर मध्य प्रदेश - ऐसा ही मामला एक सागर मध्य प्रदेश से सामने आया एक लड़की ने ये बोलकर खुदखुशी कर ली की - मैं सुशांत की तरह खुदखुशी कर लुंगी। वो बार बार अपनी भाभी  से यही कहती, कई  बार ऐसा कहे जाने पर भाभी  ने कहा मैं तुम्हारी शिकायत तुम्हारे भाई से करुँगी ,फिर उसने कहा मै  मज़ाक कर रही थी ,ये कहने के बाद वो अपने कमरे में चली गई ,थोड़ी देर बाद देखा तो उस लड़की ने फांसी लगा ली ,किसी प्रकार  का सुसाइड नहीं मिला ,पुलिस अपनी जाँच कर रही है। 
      
    सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद उनके कई चाहाने वालो ने खुदखुशी करने की कोशिश की है। 

DEPRESSION


 लोग डिप्रेशन के चलते इस काम को अंजाम देते है , इसकी कुछ वजह हो सकती है। 
  •  जैसे प्यार में धोका 
  • किसी काम का दबाब 
  • किसी नज़दीकी की मौत का  ग़म 
  • किसी की अपेक्छओं पर खरा न उतरना 
  • किसी की नज़रो में गिरने का डर 
  •  ज़िंदगी से ऊब जाना यानि कुछ भी मन मुताबिक न होना  
      यही कुछ कारण  के चलते लोग खुदखुशी करते है। 
  • क्या खुदखुशी सही रास्ता है ?
  • बिलकुल भी नहीं , खुदखुशी सही रास्ता नहीं है। ज़िंदगी ख़तम करने से पहले कुछ अगर वो अपने माँ ,पापा या जो भी इस दुनिया में उनको चाहते है उनके बारे में सोच ले तो  ये कदम बिलकुल नहीं उठाएगा ,खुदकुशी करने से प्रॉब्लम का हल बिलकुल नहीं होता बल्कि प्रॉब्लम को बड़ा देते है , जैसे सुशांत की खुदखुशी से कई  लोगो को प्रेरणा मिली और खुदखुशी कर ली ,ऐसे और भी  लोग को खुदखुशी करने का बल मिलता है ,जो की सही नहीं है अगर आपके साथ कुछ सही नहीं हो रहा है ,तो बिलकुल भी परेशांन न हो ,कोई भी मुश्किल इंसान  से बड़ी नहीं हो सकती हर मुश्किल का हल इसी दुनिया में है।  प्रकृति ने हर एक को किसी न किसी काम में माहिर किया है।  किसी को कुछ दिया तो किसी को कुछ और, आप आप है आपके जैसा इस दुनिया में कोई नहीं। अपने अंदर की चीज़ो को पहचाने ,क्युकी आप एक विजेता है और विजेता कभी हारते नहीं है वो हर मुश्किलों से लड़कर बहार निकल आते है। 
डिप्रेशन से कैसे बहार आये 
  • डिप्रेशन से गुज़र रहे है। तो सबसे पहले अकेलेपन से दूर रहे ,लोगो से बात करे अपने आपको वियस्त रखे। 
  • डिप्रेशन की दवाइयां  न ले अगर ले रहे है  तो डॉक्टर्स की सालह  पर ही ले ,जायदातर ये दवाइया लेने से नींद ही आती है। 
  • Gym जाये Exercise करे, योग करे ये सभी डिप्रेशन को दूर रखते है 
  • अपने आपको Goal दे कुछ जीवन में लक्ष्य  बनाये ,हर दिन कुछ नया करने की सोचे 
  • अगर आपके मन में गलत विचार चल रहे है ,तो फ़ोन करे जिसे आप पसंद करते है ,माँ पापा से बात करे। 
  • मोटिवेशन किताबें  पढ़े ,जो आपको जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे। 
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Comments

  1. Right suicide is not the solution for any problem...

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  3. Very sad
    Need some positive waves

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  4. Great information ..
    There is sucide is not solution of all problems.

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  5. Great thought and of the article 👌

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  6. Sahi baat bahut logo ye sab karne ka bal milta hai ye nahi karna chahiye

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  7. Thank you wish u health for motivation

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